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रेस्टोरेंट्स के लिए सरकार का आदेश, बिल में एक्स्ट्रा एलपीजी या फ्यूल चार्ज नहीं वसूला जाना चाहिए

 Published : Mar 26, 2026 08:03 pm IST,  Updated : Mar 26, 2026 08:08 pm IST

यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक राजनीतिक तनावों के कारण एलपीजी की आपूर्ति पर दबाव है। सरकार ने कहा कि उपलब्धता प्रभावित होने के बावजूद आपूर्ति में कोई बड़ी रुकावट नहीं है और डिलीवरी जारी है।

रेस्टोरेंट में खाना खाते लोग।- India TV Hindi
रेस्टोरेंट में खाना खाते लोग। Image Source : ANI

सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी यानी CCPA ने देशभर के होटलों और रेस्टोरेंट्स को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे ग्राहक के बिल में अतिरिक्त शुल्क, जैसे एलपीजी शुल्क, गैस चार्ज या फ्यूल कॉस्ट रिकवरी, नहीं जोड़ें। सीसीपीए ने इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस माना है और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। यानी अगर आपके साथ किसी रेस्टोरेंट में ऐसा होता है तो आप शिकायत कर सकते हैं।

एलपीजी और फ्यूल चार्ज: अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस

सीसीपीए ने कहा कि कुछ होटल और रेस्टोरेंट्स ग्राहक के बिल में मेनू कीमत और लागू टैक्स के अलावा अतिरिक्त शुल्क वसूल रहे हैं। यह व्यवहार अनैतिक और अवैध है। सीसीपीए ने स्पष्ट किया कि व्यवसायों को अपने ऑपरेशनल खर्चों को अपने मेनू की कीमत में शामिल करना होगा और अलग से ग्राहकों पर नहीं डालना चाहिए।

केवल मेनू कीमत और टैक्स ही लागू
ग्राहक को केवल मेनू पर दिखाई गई कीमत और लागू टैक्स का भुगतान करना होगा। कोई भी अतिरिक्त शुल्क बिल में स्वचालित रूप से नहीं लगाया जा सकता। राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) और सोशल मीडिया पर की गई इस तरह की शिकायत के आधार पर यह पाया गया कि कुछ होटल और रेस्टोरेंट्स एलपीजी, गैस और फ्यूल चार्ज बिल में शामिल कर रहे हैं।

कानून और निगरानी
यह निर्देश उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 10 के तहत जारी किया गया है। सीसीपीए ने कहा कि पूरे देश में इन प्रथाओं की निगरानी की जा रही है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

शिकायत कैसे करें
सबसे पहले ग्राहक बिल से अतिरिक्त शुल्क हटाने का अनुरोध कर सकते हैं।
अगर समाधान नहीं होता है, तो शिकायत राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915, मोबाइल ऐप, ई-जागृति पोर्टल या जिला कलेक्टर/सीसीपीए को सीधे भेजी जा सकती है।

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